देश की कमाई का ब्यौरा आज, संसद में पेश करेंगी निर्मला सीतारमण

Budget 2025-26: संसद के बजट सत्र में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी. 65 दिनों के इस सत्र के शेड्यूल से लेकर, नए बिल और देश की आर्थिक सेहत का पूरा लेखा-जोखा हमने आपके सामने लाने की कोशिश की है.


Economic Survey: भारतीय पॉलिटिक्स और इकॉनमी के लिए एक बड़ा दिन है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 पेश करने वाली हैं. बीते साल हमारे देश की कमाई और खर्च का हिसाब-किताब पर आधारित यह डॉक्यूमेंट हमें बताता है कि बीता साल कैसा रहा और आने वाले साल में हमारी इकोनॉमी किस दिशा में जाने वाली है. चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर की देखरेख में तैयार यह डॉक्यूमेंट देश की फाइनेंशियल हेल्थ का असली आईना होता है.

संसद में सबसे पहले क्या ?

दिन की शुरुआत क्वेश्चन ऑवर यानी प्रश्नकाल से होगी, जहां सांसद अपनी बात रखेंगे और मंत्रियों से तीखे सवाल पूछेंगे. इसके बाद मंत्रियों द्वारा जरूरी कागजात सदन के सामने रखे जाएंगे. निर्मला सीतारमण फाइनेंस मिनिस्ट्री से जुड़े पेपर्स पेश करेंगी, तो वहीं मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर सिविल एविएशन मुरलीधर मोहोल एयरपोर्ट अथॉरिटी (AERA) की वर्किंग रिपोर्ट और उससे जुड़े डॉक्यूमेंट्स टेबल करेंगे.

कुछ नए कानून भी सामने आएंगे

आज एक बहुत ही जरूरी काम होने वाला है. संसद के पिछले सेशन में जो आठ बिल पास हुए थे और जिन पर राष्ट्रपति की मुहर लग चुकी है, उन्हें आज फॉर्मली सदन के सामने रखा जाएगा. इसके अलावा, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की 13वीं रिपोर्ट भी किरण रिजिजू और कोडिकुनिल सुरेश द्वारा पेश की जाएगी. साथ ही, ‘रूल 377’ के तहत सांसद उन मुद्दों को उठाएंगे जो जनता के लिए बहुत जरूरी हैं.

क्या है बजट सत्र का पूरा प्लान ?
यह बजट सत्र कल ही शुरू हुआ है और यह काफी लंबा चलने वाला है. कुल 65 दिनों के इस सफर में 30 बैठकें होंगी और यह 2 अप्रैल को खत्म होगा. बीच में 13 फरवरी से 9 मार्च तक ब्रेक भी रहेगा ताकि कमेटियां बजट की बारीकियों को अच्छे से चेक कर सकें.

बिहार भवन को लेकर राज ठाकरे और बीजेपी-जदयू आमने सामने, जानें क्या है पूरा मामला

मुंबई की जमीन पर बिहार भवन बनेगा बनाए जाने के प्रस्ताव को महाराष्ट्र और बिहार सरकार धरातल पर लाने की कोशिश में हैं लेकिन अब इस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं वज़ह हैं मनसे प्रमुख राज ठाकरे। राज ठाकरे ने बिहार भवन पर धमकी देकर दो राज्यों की राजनीति को आमने-सामने ला खड़ा किया है. न केवल मनसे बल्कि शिवसेना के विरोध ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। वहीं जदयू और भाजपा ने साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र में हर हाल में बिहार भवन बनेगा.

देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई में बिहार भवन के निर्माण को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शिवसेना(उद्धव) ने इस प्रोजेक्ट का खुलकर विरोध करते हुए कहा है कि वे बिहार भवन नहीं बनने देंगे. इसके जवाब में जदयू और भाजपा ने दोनों दलों पर तीखा हमला बोला है और चेताया है कि हुल्लड़बाजी छोड़कर शांत रहें, क्योंकि मुंबई में बिहार भवन बनकर रहेगा. बिहार सरकार की इस प्रोजेक्ट ने अब स्थानीय राजनीति और केंद्र-राज्य व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

बिहार भवन के विरोध में मनसे-शिवसेना

मनसे नेता यशवंत किल्लेदार ने कहा कि बिहार सरकार को 314 करोड़ रुपये मुंबई में इमारत बनाने पर खर्च करने के बजाय बिहार के अस्पतालों और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना चाहिए, ताकि वहां के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े. उनका कहना है कि यह पैसा बिहार की जनता की बुनियादी जरूरतों पर लगना चाहिए.
उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी. पार्टी नेता विनायक राउत ने बिहार भवन को लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बोझ और स्थानीय राजनीति से प्रेरित कदम बताया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुंबई की जमीन को हड़पने का सिलसिला शुरू हो गया है और कल को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में गुजरात भवन भी बन सकता है. शिवसेना का तर्क है कि मुंबई पहले से ही जमीन और रिसोर्स की कमी के दबाव से जूझ रही है.

जदयू- भाजपा का पलटवार

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने मनसे और शिवसेना के विरोध को उपद्रवी और हुल्लड़बाज राजनीति करार दिया. उन्होंने कहा कि ये दल अपने राजनीतिक फायदे के लिए संवेदनशील और सतही मुद्दों को उछालते रहते हैं.
उनका साफ कहना है कि बिहार भवन का फैसला महाराष्ट्र और बिहार सरकार की आपसी सहमति से हुआ है और किसी की गीदड़ भभकी से यह परियोजना रुकेगी नहीं.
वहीं भाजपा ने इस विरोध को संकीर्ण सोच और स्थानीय राजनीति का उदाहरण बताया. प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहां बिहार भवन का निर्माण बिहार के श्रमिकों, छात्रों और कारोबारियों के लिए बेहद उपयोगी होगा.
उन्होंने कहा कि भाजपा एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना में विश्वास करती है और इस तरह की सकारात्मक पहल को निगेटिव राजनीति नहीं रोक सकती.

कैंसर मरीजों के लिए बड़ी सुविधा

बिहार भवन दक्षिण मुंबई के एलफिंस्टन एस्टेट में, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की जमीन पर बनेगा. इसके लिए बिहार सरकार ने 314.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. यह 30 मंजिला इमारत होगी, जिसमें कैंसर मरीजों और उनके परिजनों के लिए 240 बेड की डॉरमेट्री बनाई जाएगी. बिहार फाउंडेशन (मुंबई) के अध्यक्ष कैसर खालिद के अनुसार, यह भवन बिहार में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की योजनाओं का भी केंद्र बनेगा.
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि इमारत में एसटीपी, ग्रीन एरिया और सोलर पैनल जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल होगी. बिहार सरकार का कहना है कि दिल्ली, यूपी, तमिलनाडु, तेलंगाना और गुजरात की तरह मुंबई का बिहार भवन भी सांस्कृतिक और प्रशासनिक केंद्र के रूप में काम करेगा.

कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखवाने के लिए प्रभारी मंत्री ने निभाई जिम्मेदारी, कुछ कही अपनी कुछ सुनी सबकी

बैठक में छाये रहे ये मुद्दे

-सामुदायिक शौचालयों का बेहतर रख-रखाव तथा स्वच्छता की जाए सुनिश्चित, अधिकारी करें औचक निरीक्षण

-गोशालाओं को बनाया जाए आत्मनिर्भर, गोउत्पादों के उपयोग हेतु आमजन को करें प्रेरित

-सभी विभागों को गोशाला में निर्मित उत्पादों का प्राथमिकता से उपयोग करने के दिए निर्देश

-ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत अवशेष विद्यालयों में सहयोग करें जनप्रतिनिधि

-सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता एवं हाईजीन का हो पालन

-ओवरलोड, ओवरस्पीड, बिना नम्बर प्लेट, बिना माइनिंग टैग के खनिज वाहनों पर जारी रखी जाए सख्ती

-एक गाय एक परिवार को पालती है, इसकी महत्ता को समझें

-जनपद एवं नदियों को अतिक्रमणमुक्त बनाने के लिए बनाएं बेहतर रणनीति

-जिला पंचायत अपने अधिकार वाले क्षेत्रों में अवैध कालोनियों पर करें कार्यवाही, सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित होने पर ही दें एनओसी
सहारनपुर। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा प्रभारी मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने सर्किट हाउस सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा ली।
सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के स्वच्छ भारत मिशन के संकल्प के अन्तर्गत सुनिश्चित किया जाए कि सभी सामुदायिक शौचालयों का रख रखाव बेहतर ढंग से हो। उन्होने कहा कि सामुदायिक शौचालयों में साफ-सफाई एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सामुदायिक शौचालयों का औचक निरीक्षण किया जाए। इसके साथ ही यूरिनल की साफ-सफाई प्रतिदिन की जाए। ऑपरेशन कायाकल्प में शेष विद्यालयों में कार्य कराने के लिए जनप्रतिनिधियों से सहयोग के लिए कहा।
गो आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाया जाए। इस संबंध में वर्मी कम्पोस्ट, पूजा के समय उपयोग में आने वाले उपले, गोपेन्ट, गोनाइल के साथ ही गो काष्ठ का उपयोग अन्त्येष्ठि स्थल पर हो सके इसके लिए आमजनों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होने नगर आयुक्त को नगर के अन्त्येष्ठि स्थलों में संचालित समिति से वार्ता करने एवं बेहतर रणनीति बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि एक गाय एक परिवार को पालने का काम करती है। इसकी महत्ता को समझना चाहिए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सरकारी विद्यालयों में गोबर से बने प्राकृतिक पंेट का इस्तेमाल किया जाए। इसके अनेकों लाभ है तथा यह पर्यावरण अनुकूल है। उन्होने सभी विभागों को गोशाला में निर्मित उत्पादों का प्राथमिकता से उपयोग करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी को शौचालयों में स्वच्छता के लिए गोशाला में निर्मित गोनाइल के उपयोग करने को कहा। इस संबंध में उन्होने नगर निगम की कान्हा उपवन गोशाला की प्रशंसा की।
ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड, बिना नम्बर प्लेट, बिना माईनिंग टैग के खनन स्वीकार्य नहीं होगा। जनपद में अवैध खनन पर सख्ती की जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि प्रवर्तन कार्यवाही बढाई गयी है तथा चैकपोस्ट भी बनाए गये है।
यातायात व्यवस्था को सुदृढ करने एवं सड़क सुरक्षा के तहत जिलाधिकारी ने बताया कि एक सेल बनाकर सभी संबंधित विभागों को कार्य करने के निर्देश दिए गये है ताकि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित रहे। साथ ही सड़क सुरक्षा को बेहतर किया जा सके। जिलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि चालान में वसूली का कार्य शीघ्रता से किए जाने के संबंध में प्रशासन, पुलिस एवं यातायात संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं जिससे राजस्व की वसूली भी की जा रही है।
अतिक्रमण न हो इसके लिए एक बेहतर योजना बनाई जाए। नगर निगम इस संबंध में प्राथमिकता से कार्य करे। नदियों में अतिक्रमण न हो। इस संबंध में भी सभी विभागों के अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए कार्ययोजना बनाएं।
जिला पंचायत अपने अधिकार वाले क्षेत्रों में अवैध कालोनियों पर कार्यवाही करे। उनको नोटिस भेजे जाएं और कार्यवाही की जाए। कालोनी काटते समय अपू्रवल लें। उन्होने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को निर्देश दिए कि कालोनियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र तभी दिया जाए जब यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि समस्त मूलभूत व्यवस्थाएं कर ली गयी है। इस संबंध में यदि आवश्यकता हो तो बोर्ड बैठक के तहत कालोनियों के विकास के दृष्टिगत नियम बनाना भी सुनिश्चित किया जाए।
युवा कल्याण अधिकारी के बैठक में उपस्थित न होने पर नाराजगी व्यक्त की।
बैठक के उपरान्त प्रभारी मंत्री ने विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए मिशन (ग्रामीण) के तहत विकसित भारत- जी राम जी (गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन ग्रामीण) के संबंध में जनजागरण अभियान के तहत मीडिया को जानकारी दी।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रभारी मंत्री को विकास कार्यों एवं जनपद में किये गये बेहतर कार्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होने आशवस्त किया कि आपके द्वारा दिए गये निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने कानून व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था संबंधी जानकारी से प्रभारी मंत्री को अवगत कराया।
बैठक में ये भी रहे शामिल
इस अवसर पर राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, महापौर डॉ0 अजय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, विधायक नकुड मुकेश चौधरी, विधायक रामपुर मनिहारान देवेन्द्र निम, विधायक गंगोह किरत सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा महेन्द्र सैनी, नगर आयुक्त शिपू गिरी, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सलिल कुमार पटेल, महानगर अध्यक्ष भाजपा शीतल विश्नोई सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।